रांची: झारखंड हाईकोर्ट में JPSC उम्र सीमा विवाद मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान 22 अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत मिली। कोर्ट ने JPSC को निर्देश दिया कि याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएं। प्रार्थियों की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि वर्ष 2021 की नियुक्ति नियमावली में प्रत्येक वर्ष परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान है, लेकिन JPSC नियमित रूप से परीक्षा आयोजित नहीं कर रहा है और अभ्यर्थियों को उम्र सीमा का समुचित लाभ भी नहीं दिया जा रहा।
रिजल्ट जारी करने पर भी कोर्ट की शर्त
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि पिछली दो परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई थी, जबकि इस बार आयोजित परीक्षा में अधिकतम आयु की गणना तिथि 1 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जिससे कई अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो रहे हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद ही जारी किया जाएगा तथा उनकी नियुक्ति भी अंतिम निर्णय से प्रभावित होगी।
इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आनंद सेन की पीठ में हुई। अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा। यह याचिका किशोर कुमार एवं अन्य की ओर से दायर की गई है।
