जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में मानगो नगर निगम के मेयर पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी उस समय तेज हो गई, जब पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके नामांकन के साथ ही मानगो में चुनावी माहौल पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
राजनीतिक पहचान और मजबूत जनसंपर्क
झारखंड की राजनीति में एक कद्दावर पहचान रखने वाली सुधा गुप्ता का नामांकन सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं माना जा रहा। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की धर्मपत्नी होने के साथ-साथ उनका लंबा राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में मजबूत जनसंपर्क इस चुनाव में उन्हें एक सशक्त दावेदार के रूप में स्थापित करता है। मानगो क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका पहले से चर्चा में रही है।
बन्ना गुप्ता ने खोला कार का गेट
नामांकन के लिए रवाना होने से पहले उनके आवास पर भावनात्मक दृश्य देखने को मिला। पति बन्ना गुप्ता ने स्वयं कार का गेट खोलकर उन्हें विदा किया। इसके बाद सुधा गुप्ता ने कदमा स्थित रंकनी मंदिर और मानगो बड़ा हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया।
भीड़ और रैली से दूरी
नामांकन के दौरान सुधा गुप्ता ने भीड़ और रैली से दूरी बनाए रखी। उन्होंने कहा कि मानगो में फ्लाईओवर निर्माण के कारण सड़कें संकरी हैं और रैली से आम लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने बिना रैली के नामांकन करना उचित समझा। नामांकन प्रक्रिया के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोग सुधा गुप्ता के साथ मौजूद रहे। प्रस्तावक के रूप में डॉ. मोहम्मद जकारिया, भगवान सिंह, बिपिन झा, भगवान प्रसाद, लीला गुप्ता, डेविड पूर्ति और राजेश शर्मा शामिल रहे, जिससे उनके सर्वसमावेशी स्वरूप की झलक दिखी।
महिलाओं के सम्मान का मुद्दा
नामांकन के बाद सुधा गुप्ता भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनके लिए सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि मानगो की बेटियों, माताओं और परिवारों के सम्मान और अधिकार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम को संवेदनशील, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि सुधा गुप्ता के मैदान में उतरने से मानगो मेयर चुनाव और अधिक कड़ा और दिलचस्प हो गया है। आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियों के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
