झारखण्ड

बेटे के हत्या की कहानी पिता की जुबानी; कहा- थार से कुचलकर बेटे की ले ली जान, टक्कर मारने के बाद बैक कर दोबारा चढ़ाई गाड़ी

रांची: अमरावती कॉलोनी, चुटिया में गृह प्रवेश का कार्यक्रम अचानक मातम में बदल गया. 65 वर्षीय रामाश्रय शर्मा ने अपने बेटे की हत्या की कहानी पुलिस को बताई है. उन्होंने एफआईआर में बताया है, कि उनके बेटे धर्मेन्द्र कुमार की हत्या काली रंग की नई थार गाड़ी से कुचलकर की गई. घटना 11 फरवरी की रात करीब 9:30 बजे अमरावती पुल, गैस गोदाम के पास हुई. 

पैसों को लेकर चल रहा था विवाद  

रामाश्रय शर्मा ने बताया कि धर्मेन्द्र और अतुल चड्ढा के बीच जमीन के कारोबार में पैसों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. दोनों पहले दोस्त थे और साथ में जमीन का कारोबार भी करते थे, लेकिन लेन-देन को लेकर संबंध बिगड़ गए. पिता का कहना है कि कुछ दिन पहले ही उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई थी. गृह प्रवेश समारोह में दोनों आमने-सामने आए और पुराने विवाद को लेकर फिर बहस हो गई.

टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया आरोपी

आरोप है कि विवाद के बाद अतुल चड्ढा गुस्से में अपनी थार गाड़ी तक गया. उसी दौरान धर्मेन्द्र सड़क पार कर कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे, तभी तेज रफ्तार से आई गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. गिरने के बाद भी चालक नहीं रुका, बल्कि गाड़ी बैक कर दोबारा धर्मेन्द्र को कुचल दिया और मौके से फरार हो गया. भागने के दौरान वाहन की चपेट में सात-आठ अन्य लोग भी घायल हो गए. घटना के बाद परिजन और मौजूद लोगों ने धर्मेन्द्र को गुरुनानक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. बाद में रिम्स में भी मौत की पुष्टि हुई. पिता ने आरोप लगाया है कि अतुल चड्ढा ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से हत्या की है.