रांची: झारखंड में मौसम के टेंपरेचर के साथ-साथ चुनाव की तपिश भी बढ़ती जा रही है. झारखंड में एक तरफ अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस हो गया है. वहीं, दूसरी तरफ नगर निकाय चुनाव का भी पारा हाई होता चला जा रहा है. झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में गठबंधन के दो प्रमुख सहयोगी दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने अधिकांश नगर निगम संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक तौर पर समर्थन दिया है. चुनाव 23 फरवरी को होने वाला है.
शहरी क्षेत्रों में जेएमएम की नई रणनीति
झारखंड में नगर निगम चुनावों में जेएमएम और कांग्रेस के बीच भी तकरार की संभावना है. जेएमएम नेतृत्व द्वारा राज्य के शहरी क्षेत्रों में अपना आधार बढ़ाने के प्रयास को इसका कारण माना जा रहा है. पारंपरिक रूप से, जेएमएम ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस का दबदबा रहा है. हालांकि, ये चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहा है. जिसमें उम्मीदवारों को पार्टी के चिन्ह पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत रूप से वोट दिया जाएगा.
जेएमएम की शहरी रणनीति
• जेएमएम ने शहरी क्षेत्रों में अपनी ताकत आजमाने के लिए अन्य दलों के बागी नेताओं का समर्थन किया है.
• पार्टी ने नौ नगर निगमों में महापौर पद के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है.
• जेएमएम का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में उसकी लोकप्रियता बढ़ रही है और वह भाजपा और कांग्रेस को चुनौती दे सकती है.
बीजेपी ने भी झोंकी है ताकत
भारतीय जनता पार्टी को राज्य के शहरी क्षेत्रों में मजबूत माना जाता है और वह अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल गठबंधन में तीसरी महत्वपूर्ण पार्टी है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति सीमित है.
